#kashish Ho #shayari Ki Tum#gazal Kee Jaan Lagate Ho .Khuda Ke Noor Jaise Ho#najar Kee Shaan Lagate Ho .Mere #alfaz Mein Tum HoMere Andaaj Mein Tum Ho . Mere Har Khoobasurat Nazm KiPahachaan Lagate Ho .
Phool Khilate Hain Bahaaron Ka Samaan Hota Hai Aise Mausam Mein Hi To Pyaar Jawan Hota Hai........Dil Kee Baaton Ko Hothon Se Nahin Kahate , Ye Fasaana To Nigaahon Se Bayaan Hota Hai....
Hamaare #alfaaz Ko Na Karo Itana Pasand…Ke Hamaare #shaayarana_Andaz SeAapako #mohabbat Ho Jaaye..!!
#कशिश हो #शायरी की तुम
#गजल की जान लगते हो ।
खुदा के नूर जैसे हो
#नजर की शान लगते हो ।
मेरे #अल्फाज में तुम हो
मेरे अंदाज में तुम हो ।
मेरे हर खूबसूरत नज्म की
पहचान लगते हो ।
फूल खिलते हैं बहारों का समां होता है ऐसे
मौसम में ही तो प्यार जवां होता है........
दिल की बातों को होठों से नहीं कहते ,
ये फ़साना तो निगाहों से बयां होता है....
हमारे #अल्फाज़ को ना करो
इतना पसंद…
के हमारे #शायराना_अंदाज से
आपको #मोहब्बत हो जाये..!!
अपनी सांसें अपनी आहें तुम पे वार बैठे हैं,
#मोहब्बत तेरे सदके हम खुद को हार बैठे हैं ।
कोई शर्त नहीं है...कोई शिकायत नहीं है तुमसे..!!
बस सीधी सी मुहब्बत है... #दीदार की चाहत है तुमसे...!!
ज़िंदगी में अगर तुम अकेले हो तो प्यार करना सिख़लो,
और प्यार कर लिया हैं तो इज़हार करने भी सिख़लो.
अगर #इज़हार करना नही सीखा तो,
ज़िंदगी भर प्यार के यादों में रोना सिख़लो….
कुछ तो चाहत रही होगी
इन बारिश की बूँदों की भी,
वर्ना कौन गिरता है इस जमीन पर
आसमान तक पहुँचने के बाद !
नज़रों से ना देखो हमें.. तुम में हम छुप जायेंगे..
हमें ये #दिल ❤हारने की बीमारी ना होती,..
*अगर आपकी दिल ❤जीतने की #अदा इतनी प्यारी ना होती..
दफ़्न कर दी उसके लौटने की सारी उम्मीदें...!
क्युंकि वो खोया नही... बदल चुका है...!
कौन कहता है क़ि चाँद तारे तोड़ लाना ज़रूरी है…..
दिल को छू जाए प्यार से दो #लफ्ज़, वही काफ़ी है
आप हमें रुलादो हमें गम नहीं,
आप हमें भुलादो हमें कोई गम नहीं,
जिस दिन हमने आप को भुला दिया,
समझ लेना इस दुनीया में हम नहीं |
लगने दो #महफिल आज #शायरी की जुबां करते हैं...
तुम गालिब की किताब उठाओ....हम हाले दिल बयाँ करते हैं....।।..
खुद को समेट के, 💕खुद में सिमट जाते हैं हम...
एक याद उसकी💕 आती है.. 💕फिर से बिखर जाते है हम...!!
दिल उससे ना लगाना जिसे अपने हुस्न पर गुरुर हो
दिल उससे लगाना जिसे #मोहब्बत समझने का हुनर हो
लिख दे मेरा अगला जन्म भी उसके नाम पर ए खुदा
इस जन्म में इश्क़ शायद..थोडा कम पड़ गया है
"मुलाकाते"जरुरी नहीं....
मोहब्बत में....!!
#सुफियाना #इश्क.... तो
"रूह" से... किया जाता हैँ..... !!
ना जाने किस हुनर को ...
.शायरी कहते हो तुम,
हम तो वो ही लिखते है ...
...जो तुमसे कह नही पाते!
#जज़्बात मचलते हैं जब तुमसे मिलता हूँ
अरमान मचलते हैं जब तुमसे मिलता हूँ
साथ हम दोनों का कोई बर्दाश्त नहीं करता
जलती है देख कर दुनिया जब मैं तुमसे मिलता हूँ।
