Dard shayari

वो आजमाते हैं देके सितम हुनर मेरे जो दिल में रहते हैं कितने हैं बे खबर मेरे बुझा के ताक की सम्मे ना देख तारों को

वो आजमाते हैं  देके  सितम  हुनर  मेरे जो दिल में रहते हैं कितने हैं बे खबर मेरे बुझा के ताक की स…

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