siyaasat ko fakat apanee tijaarat na samajhana is mulk kee gaddee ko viraasat na samajhana
ग़ज़ल 1. सियासत को फ़कत अपनी तिजारत न समझना इस मुल्क की गद्दी को विरासत न समझना 2. किरदार यहाँ …
ग़ज़ल 1. सियासत को फ़कत अपनी तिजारत न समझना इस मुल्क की गद्दी को विरासत न समझना 2. किरदार यहाँ …