सुना भी कुछ नहीं...कहा भी कुछ नहीं...
पर ऐसे बिखरे हैं...ज़िंदगी की कश्मकश में...
कि टूटा भी कुछ नहीं...और बचा भी कुछ नहीं...
🌹🌹
_ हमने तो नही लगाई कोई किमत, आप ही लगा बैठे, _
आप हमारे लिए अनमोल है, आप हमारी किमत बता बैठे... _
सुनो.....!!
हम तो तेरी आँखों मे संवरते है........वही सवरेंगे........!!❤
हम नही जानते.......आईने कहाँ रखे है.....🌹
सफ़र में साथ तेरा... चाहे अधूरा रह गया
पर यादें तेरी उम्र भर की #हमसफ़र बन गईं
सुना भी कुछ नहीं...कहा भी कुछ नहीं...
पर ऐसे बिखरे हैं...ज़िंदगी की कश्मकश में...
कि टूटा भी कुछ नहीं...और बचा भी कुछ नहीं...
मुझे तेरा साथ...
जिंदगी भर नहीं चाहिये...
बल्कि जब तक तु साथ है...
तब तक जिंदगी चाहिये...
अब रिहा कर दो अपने "ख्यालो" से मुझे ........!!!
लोग सवाल करने लगे हैं
कि कहाँ रहते हो आज कल..!!!!
"खामोशी को चुना है अब, बाकी के सफर के लिए...
अब अल्फाजों को ज़ाया करना, हमें अच्छा नहीं लगता...!!!"
तुम्हारी इन हसीन होंठों में मरकज़ है तजल्ली का
तुम जहाँ मुस्कुरा दो वहीं हंगामा अनवार हो जाए..!!
तकिये पर अश्क़ देख कर सवाल सौ उठे...
हँसकर हमने कह दिया ख्वाबों के दाग हैं.....
लोग बार-बार मेरे दिल में दस्तक दे रहे हैं
दिल कह रहा है लेकिन सिर्फ और सिर्फ आप ही बातें
Tags
Deedar
Gulshan-e-Shayri
Gulshshan E Ishq
Hamsafar
Heart Touching Shayri
Sanjida Shayri
Shayri
Urdu Poetry