किसी हिन्दू #शायर की लिखी हुई #नज्म क्या #खूब है...👌🏻👌🏻👏🏻👏🏻👍🏻👍🏻🤲🏻🤲🏻🙏🏻🙏🏻
मुझे मेरे #हिन्दू होने पर #नाज है
तुझे तेरे #मुस्लिम होने पर #नाज है
लेकिन #राम मेरा भी मुझसे #नाराज है
और #खुदा तेरा भी तुझसे #नाराज है
#पाप मैंने भी किए होंगे कभी
#गुनाह तूने भी किए हों शायद कभी
#इंसानियत को खोने की #सजा
शायद #मालिक हमको दे रहा है
ना राम मुझे #मंदिर में बुला रहा है
ना #खुदा तुझे #मस्जिद में बुला रहा है
तो #खता मेरी भी उतनी ही है
और #गलती तेरी भी उतनी ही है
आ #वक्त रहते संभल जाएं और ..
#इंसानियत के #धर्म को अपना ले
मैं चाहे उसे #ईश्वर कह लू
तू उसे #अल्लाह कह ले
है तो सब एक ही
#हिंदू_मुस्लिम को छोड़कर
चलो हम सब मिलकर
एक बने और #नेक बने
सिर्फ #भारतीय प्रत्येक बने
अब तू अपने #खुदा को #खुश कर
मैँ अपने #प्रभु #राम को मनाऊं
इस #संकट से मुक्त करो हे #ईश्वर #अल्लाह
अवसर दे , मैँ फिर से #इंसान बन जाऊं ।
