Tribute : Munawwar Rana Saheb


जिस्म पर मिट्टी मलेंगे पाक हो जायेंगे हम..

ऐ ज़मीं एक दिन तेरी ख़ुराक हो जायेंगे हम!!


हम कुछ ऐसे तिरे दीदार में खो जाते हैं 

जैसे बच्चे भरे बाज़ार में खो जाते हैं।


"मिट्टी में मिला दे मैं जुदा हो नही सकता 

अब इससे ज्यादा मैं तेरा हो नहीं सकता "


 जिंदगी ताश के पत्तों की तरह है मेरी 

और पत्तों को बरहाल बिखर जाना है

                                         🌹 मुनव्वर राना साहब  

 अदब सहाफत और मुशायरों की दुनिया सूनी कर  गए

उर्दू के मशहूर शायर जनाब मुनव्वर राना साहब का कल इतवार की देर रात इंतकाल हो गया. लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली. वह 71 साल के थे. वह लंबे अरसे से  बीमारी से जूझ रहे थे, और अभी अस्पताल में ही भर्ती थे. बताया जा रहा है कि दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हुई है. उनके करीबी लोगों ने उनकी मौत की तस्दीक की है.  इन्ना लिल्लाही व इन्ना इलैही राजिऊन अल्लाह उनकी मगफिरत फरमाएं और उनके परिवार को सब्र अता करे अल्लाह रब्बुल इज्जत मुनव्वर राना साहब को जन्नतुल फिर्दोश में आला मकाम अता करें आमीन या रब्बुल आलमीन 🤲                                                                          मुनव्वर राना साहब का जन्म 1952 में भा उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हुआ था , लेकिन उन्होंने अपना अधिकांश जीवन कोलकाता , पश्चिम बंगाल में बिताया । अभी कुछ समय वो अपनी बेटी सुमैया राना के साथ लखनऊ में थे । मुनव्वर राना साहब ने जो मां का मर्तबा अपनी शेरों शायरी में बताया है वो शायद ही किसी शायर ने अपनी शायरी में बताया हो जब कभी कहीं भी मां का जिक्र आता है ज़हन में मुनव्वर राना साहब के शेर याद आ जाते हैं । और आगे भी आते रहेंगे। मुनव्वर राना साहब के मेरे पसंदीदा दो शेर जो मां पर लिखे थे 

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ज़रा सी बात है लेकिन हवा को कौन समझाये,

दिये से मेरी माँ मेरे लिए काजल बनाती है

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छू नहीें सकती मौत भी आसानी से इसको

यह बच्चा अभी माँ की दुआ ओढ़े हुए है।

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जिस्म पर मिट्टी मलेंगे ,,,पाक हो जायेंगे हम

एै ज़मीं एक दिन तेरी ख़ूराक हो जायेंगे हम 

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सदाकत के मुहब्बत के पयम्बर ही रहेंगे हम 

कयामत तक मुकद्दर के सिकन्दर ही रहेंगे हम 

ये दुनिया लाख कर ले कोशिशें हम को बुझाने की 

मुनव्वर थे मुनव्वर हैं मुनव्वर ही रहेंगे हम 


जिन्दगी और मौत का कोई भरोसा नहीं लेकिन आप हमेशा हम सब के दिलों में ज़िंदा रहेंगे 

मुनव्वर राना साहब एक बेहतरीन शायर थे कल शायरी जगत ने अपना एक अनमोल सितारा खोया है । शायरी कि दुनिया को उनकी कमी  महसूस होगी । आइये हम सब मिलकर मरहूम जनाब मुनव्वर राना साहब को खिराज - ए - अक़िदत पेश करे और उनके लिए दुआ - ए - मगफिरत करें अल्लाह रब्बुल इज्जत मुनव्वर राना साहब को जन्नतुल फिर्दोश में आला मक़ाम अता करे आमीन या रब्बुल आलमीन 🤲🤲🤲🌹


ہندوستان کے معروف شاعر اور مہاجر نامہ کے تخلیق کار منور رانا صاحب لکھنؤ کے پی جی آئی ہسپتال میں قضائے الٰہی سے انتقال فرما گئے
اِنَّا لِلّٰہ وَ اِنَّا اِلَیہِ رَاجِعُون

اللّٰہ تعالیٰ انکی بشری لغزشوں کو معاف فرمائے اور جنت الفردوس میں اعلیٰ مقام عطا کرے
آمین یا رب العالمین

جسم پر مٹی مَلیں گے پاک ہو جائیں گے ہم
اے زمیں اک دن تری خوراک ہو جائیں گے ہم
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ہم سے محبت کرنے والے روتے ہی رہ جاٸیں گے
ہم جو جس دن سوۓ سوتے ہی رہ جاٸیں گے

منور رانا



M Farooq Sumro

I am a vlogger. Making vlogs is my passion.

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