लो बन गये दिये, सज गईं दुकाने । अब मेरे भी हौसले आली है ।। लगा दो कुछ बोली


 लो बन गये दिये, सज गईं दुकाने ।

अब मेरे भी हौसले आली है ।।

लगा दो कुछ बोली , मेरे मेहनत की भी ।

मेरे घर भी दिवाली है ।।

🖋️ Adv त्रिपुरारी सिंह राजपूत

M Farooq Sumro

I am a vlogger. Making vlogs is my passion.

Post a Comment

Previous Post Next Post