HuM Se MiLTy HaiN Tu MiLTy HaiN JhuKa KaR AanKHEin,
Na JaNy Wo PHir KisS K LiyE RaKhTy HaiN SaJa Kar AanKHain.
हम से मिलती हैं तू मिलती हैं झुका कर #आँखें,
न जांय वो फिर किस के लिए रखती हैं सजा कर #आँखें.
न जांय वो फिर किस के लिए रखती हैं सजा कर #आँखें.
💕 आँखों में रहने वाले को याद नहीं करते ,
दिल में रहने वाले की बात नहीं करते ,
हमारी तो रुह में बस गए हो आप ,
तभी तो मिलने की फरियाद नहीं करते 💞
उस की यादों का समाँ भी किस क़दर पुर-कैफ़ है...
जैसे गुलशन में उतर आए परिंदों का हुजूम....
us kii yaado.n kaa samaa.n bhii kis qadar pur-kaif hai....
jaise gulshan me.n utar aa.e parindo.n kaa hujuum
कतरा-कतरा मेरे
हलक़ को तर करती है...
मेरी रग-रग में तेरी
#चाहत #सफ़र करती है...!
